
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई)इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने तथा सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। एसटीपीआईभारत सरकार द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (STP) एवं इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (EHTP) योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ अत्याधुनिक आईटी अवसंरचना के विकास एवं प्रबंधन का कार्य करता है।
एसटीपीआई का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है तथा इसके महानिदेशक श्री अरविंद कुमार संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। एसटीपीआईका देशभर में व्यापक नेटवर्क है, जो 14 अधिकार क्षेत्रीय निदेशालयों के अंतर्गत 73 केंद्रों के माध्यम से संचालित है। इनमें से 65 केंद्र टियर-II एवं टियर-III शहरों में स्थापित हैं, जो क्षेत्रीय संतुलित विकास एवं डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए एसटीपीआईकी वेबसाइट www.stpi.inदेखी जा सकती है।
पटना के बारे में
बिहार की राजधानी पटना देश के प्राचीनतम एवं ऐतिहासिक नगरों में से एक है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पटना की जनसंख्या लगभग 58.38 लाख थी तथा इसकी साक्षरता दर 70.68 प्रतिशत दर्ज की गई। हिन्दी बिहार की राजभाषा है, जबकि अंग्रेजी का भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त मगही, भोजपुरी, मैथिली, उर्दू, बंगाली एवं ओड़िया भाषाएँ भी यहाँ प्रचलित हैं।
पटना लंबे समय से कृषि, व्यापार एवं वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र रहा है। यह क्षेत्र धान, गन्ना, तिलहन एवं अन्य कृषि उत्पादों के व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। आज पटना पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण व्यावसायिक एवं प्रशासनिक केंद्रों में से एक है तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का क्षेत्रीय कार्यालय भी यहाँ स्थित है।
एसटीपीआई की भूमिका एवं सेवाएँ
एसटीपीआई, भारत सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी एवं सॉफ्टवेयर निर्यातक इकाइयों को विभिन्न वैधानिक एवं नियामकीय सेवाएँ प्रदान करने वाली एकल खिड़की (Single Window) सुविधा के रूप में कार्य करता है। एसटीपीआईके अंतर्गत पंजीकृत 100% निर्यातोन्मुख इकाइयों (EOUs)को परियोजना अनुमोदन, आयात स्वीकृति, बॉन्डिंग, निर्यात प्रमाणीकरण तथा अन्य वैधानिक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
इसके अतिरिक्त एसटीपीआईस्टार्टअप्स, नवाचारकर्ताओं एवं तकनीकी उद्यमियों को प्रोत्साहित करने हेतु अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सुविधाएँ, उच्च गति इंटरनेट कनेक्टिविटी, दूरसंचार सेवाएँ, विद्युत बैकअप एवं अन्य आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध कराता है।
भारत के आईटी निर्यात में एसटीपीआईका योगदान
एसटीपीआई ने देश के सॉफ्टवेयर एवं आईटी निर्यात क्षेत्र के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एसटीपीआईके माध्यम से संचालित सुविधाओं एवं सेवाओं ने हजारों आईटी कंपनियों एवं स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाया है।
वर्तमान में एसटीपीआईके माध्यम से देशभर में 5,168 से अधिक सॉफ्टवेयर निर्यातक इकाइयों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। एसटीपीआईइकाइयों का निर्यात कारोबार वर्ष 1992-93 में ₹52 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2024-25 में लगभग ₹10,69,270.59 करोड़ तक पहुँच गया है, जो भारतीय आईटी उद्योग के विकास में एसटीपीआई की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
एसटीपीआई-पटना
एसटीपीआई-पटना क्षेत्र की आईटी/आईटीईएस कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं उद्यमियों को विभिन्न वैधानिक सेवाओं, इन्क्यूबेशन सुविधाओं, रेडी-टू-यूज़ कार्यालय स्थान, केंद्रीकृत कम्प्यूटिंग सुविधाओं तथा हाई स्पीड डेटा कम्युनिकेशन (HSDC)सेवाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान करता है। एसटीपीआई-पटना राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के विकास, रोजगार सृजन, नवाचार संवर्धन एवं आईटी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत है।
अपने व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क, उद्योगोन्मुखी सेवाओं तथा नवाचार-केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से STPI भारत को वैश्विक आईटी नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध है।


